आठ दिन में चार कब्रिस्तानों में 163 शव पहुंचे, कलेक्टर ने कहा- जांच करवा रहे हैं

इंदौर. कोरोना संक्रमण के लिहाज से शहर में कंटेनमेंट एरिया बने अल्पसंख्यक इलाकों में मृत्यु का आंकड़ा नहीं थम रहा। बुधवार को चार कब्रिस्तान में यह आंकड़ा 163 तक पहुंच गया। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने खजराना में सर्वे शुरू करवाया है। तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट सामने आएगी। 



मामले में कलेक्टर मनीष सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इन मौतों की जांच करवा रहे हैं। जिनकी मृत्यु हुई है, उनके परिजन से बातचीत में फिलहाल ये सामने आया है कि किसी कोरोना के लक्षण नहीं थे। फिर भी जो आंकड़े आए हैं, उनकी जानकारी निकलवा रहे हैं। पिछले साल के आंकड़े भी देख रहे हैं कि कहीं मौसम में बदलाव के कारण तो ऐसा नहीं है। गौरतलब है कि मृत्यु का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। 1 से 6 अप्रैल तक ये 127 था तो 7 को 145।


एक हफ्ते में कब्रिस्तानों में पहुंचे जनाजे 



  •  महू नाका- 1 से 8 अप्रैल तक :  53 (7 बुधवार के)

  •  खजराना- 1 से 8 अप्रैल तक : 33  (4 बुधवार के)

  •  सिरपुर- 1 से 8 अप्रैल तक : 26 (2 बुधवार के)

  •  लुनियापुरा- 1 से 8 अप्रैल तक : 50 (5 बुधवार के)  


वायरल फीवर के कारण मौत में हुआ इजाफा
मुस्लिम बहुल इलाकों में वायरल फीवर और स्वाइन फ्लू बढ़ गया है। इन क्षेत्रों में जनसंख्या ज्यादा होने से कोरोना वायरस भी घातक परिणाम दे रहा है। एक से दूसरे, दूसरे से तीसरे को हो रहा हैं। कोरोना तीसरी स्टेज में आ चुका है। एक ये परेशानी भी है कि मुस्लिम समुदाय में एक मरीज बीमार होता है तो 15 से 20 अटेंडर अस्पताल आते हैं, जबकि दूसरे समाज में एक ही अटेंडर होता है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं। -डॉ. रियाज सिद्दीकी, मेडिकल डायरेक्टर, मयूर हॉस्पिटल


जानकारी और फोटो लेकर चले गए
 इंतकाल के बाद आशा कार्यकर्ता और नगर सुरक्षा समिति के लोग घर आए थे। उन्होंने हमसे परिवार की जानकारी और फोटो ली। हमारे आसपास के लोगों से भी कुछ पूछताछ की और फिर चले गए। - अबरार (रानीपुरा निवासी मृतक बसरीन बी के परिजन)


कोई बीमारी नहीं, उम्र हो गई थी
6 अप्रैल को दादी का इंतकाल हुआ। उन्हें किसी तरह की बीमारी नहीं थी। वे 85 बरस की थीं। हमारे यहां प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम भी नहीं आई। परिवार में भी सभी लोग स्वस्थ हैं। - जाबिर अली (मृतक कशिश उन्नीसा के पोते)


तरबूज खाया, और वहीं रह गईं
मां का शुक्रवार को इंतकाल हुआ था। नाश्ते में तरबूज खाने के बाद वे पलंग पर लेटीं, सीने पर हाथ रखा और फिर नहीं उठी। उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई जानकारी लेने नहीं आया है। - मो. अकबर (सेमिदा बी के बेटे)


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